बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि, व्हाट्सऐप के ग्रुप में किसी ग्रुप मेंबर द्वारा किये गए आपत्तिजनक पोस्ट के लिए ग्रुप का एडमिन जिम्मेदार नहीं होगा। इसके लिए ग्रुप एडमिन पर क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि, ग्रुप के एडमिन के पास सिर्फ ग्रुप में सदस्यों को जोड़ने व हटाने का ही अधिकार होता है। ग्रुप के एडमिन के पास किसी पोस्ट व कंटेंट को रोकने का अधिकार नहीं होता है।
आपको बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह फैसला एक व्हाट्सऐप ग्रुप के एडमिन की याचिका पर सुनाया है। दरअसल, व्हाट्सऐप ग्रुप के एडमिन पर साल 2016 में धारा 354ए (1) (4) (अश्लील टिप्पणी), 509 (महिला की गरिमा भंग करना) और 107 (उकसाने) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन) के तहत मामला दर्ज किया गया था। याचिका में इन दर्ज मामलों को ख़ारिज करने का अनुरोध किया गया था।
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