सोशल मीडिया को क़ानूनी दायरे में लाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है। बता दें कि प्रधान न्यायाधीश एस ए बोवड़े, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने केंद्र और सम्बंधित तंत्रो को नोटिस जारी किया है। साथ ही इस याचिका को उस लंबित याचिका के साथ संलग्न कर दिया है, जिसमें मीडिया चैनलों और नेटवर्कों के खिलाफ शिकायत पर फैसले के लिए मीडिया ट्रिब्यूनल गठित किये जाने का अनुरोध किया गया है।
आपको बता दें कि याचिका में केंद्र को निर्देश दिया गया है कि वह सोशल मीडिया के जरिए नफरत फ़ैलाने वाली सामग्री व फर्जी समाचार का प्रसार करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कानून बनाए। याचिका में कहा गया है कि ऐसा तंत्र बनाया जाए जिससे कम समय सीमा में ही फर्जी समाचार और नफरत फ़ैलाने वाला कंटेंट अपने आप ही हट जाए।
याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया की पहुंच बहुत अधिक है। साथ ही देश में हुई साम्प्रदायिक हिंसा का भी जिक्र किया गया, जिसमें सोशल मीडिया के दुरूपयोग की बात की गयी है।
सोशल मीडिया को क़ानूनी दायरे में लाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
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