सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर के आपत्तिजनक पोस्ट व टिप्पणी करने वालों की अब खैर नहीं। दरअसल, केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि, कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर देश को ज्ञान की बातें बताते रहते हैं। उनके ज्ञान का स्वागत है, लेकिन पहले उन्हें यह बता देना चाहिए कि उनकी असली पहचान क्या है। हम सोशल मीडिया पर आलोचना का स्वागत करते हैं लेकिन उपयोगकर्ताओं को अपनी वास्तविक पहचान भी बतानी होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, सरकार इसको लेकर के गंभीर है और इस पर काबू पाने के लिए संबंधित कंपनियों को स्वैच्छिक रूप से लोगों की पहचान का सत्यापन करने को कहा गया है।
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आगे कहा कि भारत में सोशल मीडिया के करीब 140 करोड़ उपयोगकर्ता हैं और वे फेसबुक, ट्विटर के साथ-साथ अन्य प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं। इंटरनेट पर कुछ कंपनियों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए और न ही सोशल मीडिया का दुरूपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल देश की आलोचना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही रवि शंकर प्रसाद ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के नए दिशानिर्देशों में शिकायत अधिकारी का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही नए दिशानिर्देशों में महिलाओं के सम्मान और गरिमा का पूरा ख्याल रखा गया है और आपत्तिजनक सामग्री को 24 घंटे के अंदर हटाने को कहा गया है।
आपको बता दें कि अभी पीछे ही सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर से कई आपत्तिजनक ट्वीट्स को हटवाया था और कई अकाउंट को ब्लॉक भी करवाया था।
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