मीडिया, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है मीडिया। जनता की आंख और कान है मीडिया अगर कहें तो बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों पर हम जो देखते और सुनते हैं उस पर बड़ी ही जल्दी विश्वास कर लेते हैं। आखिर, हमारा एक भरोसा जो है मीडिया पर, लेकिन क्या हो अगर यह मीडिया देश की जनता तक भ्रामक ख़बरों को फैलाने लग जाए। ऐसी खबरें जो गलत हो, आधारहीन हो और एक झूठ को साथ लिए हुए हो। ऐसा ही कुछ हुआ स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा नेता जी की तस्वीर का अनावरण किया गया। बता दें कि देश के जिम्मेदार पत्रकारों के वर्ग द्वारा यह जानकारी फैलाई गयी कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा नेताजी की अनावरण किये जाने वाली तस्वीर नेताजी की नहीं बल्कि प्रसनजीत चटर्जी की है। बता दें कि प्रसनजीत चटर्जी एक अभिनेता है, जिन्होंने बंगाली और हिंदी फिल्मों में काम किया है। इस तरह की गलत और भ्रामक खबर सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेजी से वायरल हुई और इसको तेजी से वायरल करने में बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई देश के जिम्मेदार पत्रकारों ने। देश के इस जिम्मेदार पत्रकारों की सूचि में एक नाम देश के बड़े मीडिया ग्रुप इंडिया टुडे ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई का भी है। राजदीप सरदेसाई की तरफ से भी सोशल मीडिया पर नेताजी की तस्वीर को लेकर के दावे किये गए।

आपको बता दें कि इसी संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से इंडिया टुडे ग्रुप को एक पत्र भी लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि, पत्रकारों ने तस्वीर से जुड़े हुए तथ्यों को जांचना भी जरुरी नहीं समझा और ना ही नेताजी के परिवार के किसी सदस्य से इस संबंध में बात करना जरुरी समझा।

पत्र में पत्रकारों की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत की निंदा की गयी है और भविष्य में इंडिया टुडे ग्रुप के साथ अनुबंध पर समीक्षा की भी बात की गयी है।
वैसे ऐसा कोई पहली बार नहीं है, जब मीडिया ने अपने दर्शकों तक गलत और भ्रामक ख़बरों को पहुंचाया हो। 26 जनवरी के ही दिन के घटनाक्रम को देखें तो ट्रैक्टर रैली के नाम पर दिल्ली में घुसे असामाजिक तत्व के लोग, जिन्होंने दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर जमकर उत्पाद मचाया। इस दौरान दिल्ली के आईटीओ में ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से एक ट्रैक्टर चालक की मौत जो जाती है, लेकिन एक बड़े न्यूज़ चैनल के वरिष्ठ पत्रकार ने खबर फैलाई की ट्रैक्टर चालक की मौत दिल्ली पुलिस की गोली लगने की वजह से हुई है जबकि यह खबर पूरी तरह से गलत थी। एक तरह से देखें तो यह खबर दिल्ली में घुसी भीड़ को हिंसा के लिए और अधिक भड़काने वाली थी।

इस तरह की गलत खबर को फ़ैलाने वाला पत्रकार और कोई नहीं बल्कि इंडिया टुडे ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ही थे, जिन्होंने ट्वीट के माध्यम से इस खबर को फैलाया। इसके साथ ही इसे टेलीविज़न पर भी ऑन एयर कर दिया गया। हालंकि बाद में काफी किरकिरी होने के बाद राजदीप सरदेसाई ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया। राजदीप की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत पर इंडिया टुडे ग्रुप ने भी संज्ञान लेते हुए राजदीप को 2 हफ़्तों के लिए ऑफ एयर कर दिया और साथ ही उनकी एक महीने की सैलरी को भी काटने का फैसला लिया है। राजदीप की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत पर इंडिया टुडे की कार्रवाई सराहनीय है। इस तरह की कार्रवाई से भविष्य में इस तरह की भ्रामक और गलत खबरों में कमी आ सकेगी। बता दें कि, अक्सर इसके लिए न्यूज़ चैनल्स एक छोटा सा टिकर स्क्रोल कर देते हैं, जिसमें वो अपनी हरकत के लिए माफ़ी मांग लेते हैं।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और भविष्य में इस तरह की कोई चूक ना हो इस पर भी ध्यान देने की जरुरत है। आखिर, जनता का एक भरोसा है न्यूज़ चैनल्स पर।
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