राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट के पास नए संसद भवन के निर्माण को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गयी है। इस परियोजना की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, परियोजना के लिए जो पर्यावरण मंजूरी दी गयी है तथा भूमि उपयोग में परिवर्तन के लिए जो अधिसूचना जारी की गयी है वो वैध हैं।
न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले में अपना फैसला सुनाया, जिसमें न्यायमूर्ति खानविलकर ने अपनी और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की ओर से लिखा कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के प्रस्तावक को सभी निर्माण स्थलों पर स्मॉग टावर और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
तीसरे न्यायधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने भी परियोजना पर अपनी सहमति जताई, लेकिन भूमि में बदलाव संबंधी फैसले पर और परियोजना को पर्यावरण मंजूरी दिए जाने पर असहमति जताई।
आपको बता दें कि, इस परियोजना की घोषणा पिछले वर्ष सितम्बर में हुई थी, जिसमें एक नए संसद भवन का निर्माण किया जाना है। नए संसद भवन के निर्माण का लक्ष्य अगस्त 2022 तक है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी।
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