लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिक टॉक, जो कि भारत में बैन है। अब सरकार ने टिक टॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए टैक्स चोरी के आरोप में भारत में मौजूद बाइटडांस के सभी खातों को फ्रीज कर दिया है। हालांकि, सरकार के इस कदम के बाद बाइटडांस ने मुंबई हाईकोर्ट का रुख किया है और सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में बाइटडांस ने सरकार के आदेश को जल्दी ही ख़ारिज करने की गुहार लगाई है।
बाइटडांस का कहना है कि सरकार के इस फैसले से उसके बिजनेस को काफी नुकसान हो सकता है। कंपनी ने भारत में अपने अधिकतर कर्मचारियों को जनवरी में निकल दिया था, लेकिन अभी भी भारत में बाइटडांस के 1300 कर्मचारी कार्यरत है जिसमें से अधिकतर लोग विदेशी ऑपरेशन को हैंडल कर रहे हैं।
मुंबई हाईकोर्ट में दायर याचिका में बाइटडांस ने तर्क दिया है कि जब उसके खातों में सिर्फ 10 मिलियन डॉलर है तो खातों में इस तरह से रोक लगाना क़ानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है। इससे वेतन और टैक्स का भुगतान करने में कठिनाई होगी।
मीडिया रिपोर्ट की ख़बरों को आधार माने तो मार्च 2021 में बाइटडांस की भारतीय इकाई और सिंगापूर में स्थित इसकी पैरेंट कंपनी टिक टॉक पीटीइ लिमिटेड के बीच हुई ऑनलाइन एडवरटाइजिंग डील में अधिकारियों को टैक्स चोरी का पता चला था। इसके बाद ही अधिकारियों ने बाइटडांस के बैंक अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया था।
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