गुजरात के द्वारका में गुजरात पुलिस ने छापेमारी करते हुए करीब 200 अवैध सेट टॉप बॉक्सेस को जब्त किया है। यह सेट टॉप बॉक्सेस ग्राहकों को कई लोकप्रिय पे चैनलों के पाइरेटेड टीवी सिग्नल्स दिखाने के लिए उपयोग किये गए थे।
वेबसाइट इंडियन ब्राडकास्टिंग वर्ल्ड डॉट कॉम को उपलब्ध हुई जानकारी के अनुसार, सोनी द्वारा नियुक्त एजेंसी के आगाह के बाद गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में सरकारी अस्पताल के सामने की सभी स्टोर पर छापा मारा। इस छापेमारी में करीब 200 क्रेटा 7770 सेट टॉप बॉक्सेस को जब्त किया गया। यह वही सेट टॉप बॉक्सेस थे जिनका उपयोग ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए किया गया था। इन अवैध सेट टॉप बॉक्सेस को करीब 1500 रुपये में बेचा जाता था। ये इंटरनेट कनेक्शन से काम किया करते थे और सोनी एंटरटेनमेंट, सब टीवी, जी टीवी, कलर्स और स्टार प्लस जैसे लोकप्रिय पे चैनलों को बिना किसी लाइसेंस या किसी वितरण समझौते के कैच करते थे।
हाल ही के दिनों में ट्राई द्वारा लाये नए नियमों के कारण टीवी चैनलों का प्राइस अला कार्टे के आधार पर निर्धारित होता है। केबल टीवी का मासिक भुगतान अब पहले से अधिक हो गया है। एक आदेश के रूप में ब्रॉडकास्ट के क्षेत्र में आये नियमों से भारत मूल्य संवेदनशील बाजार बन गया और इसने केबल सिग्नल की चोरी को जन्म दिया, जहां पर ग्राहक टीवी पर गुणवत्ता वाले कंटेंट के लिए अधिक भुगतान को तैयार नहीं है।
गुजरात के द्वारका में हुई छापेमारी कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले सोनी द्वारा नियुक्त की गयी अन्य एजेंसी के आगाह के बाद लुधियना की कोतवाली पुलिस स्टेशन ने अवैध सेट टॉप बॉक्सेस की सेल का पर्दाफाश किया था। यहां भी सोनी और अन्य पे चैनलों को अवैध पगारिया बॉक्सेस का उपयोग करके चलाया जा रहा था। बता दें कि, ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों की एंटी पाइरेसी इकाइयों द्वारा मिली प्रतिक्रिया के बाद पुलिस इस तरह की छापेमारी देश के अलग-अलग हिस्सों में करती रहती है।
हालांकि, देश के मौजूदा कानूनों की कमजोर कड़ियों की वजह से ऐसे अवैध बॉक्सेस की बिक्री पर मुकदमा चलाना कठिन है। दरअसल, इस खबर के लिखे जाने तक गुजरात पुलिस इसी बात को लेकर के बहस कर रही थी कि इस तरह सेट टॉप बॉक्सेस की अवैध बिक्री के अपराधी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए इसे भरतीय आपराधिक कानूनों की किस श्रेणी में रखा जा सकता है।
बता दें कि, भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को लेकर फिक्की – ईवाई 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टेलीविज़न फीड्स की पाइरेसी हमेशा से ही एक मुद्दा रही है और ग्राहकों के प्राइस भुगतान में वृद्धि ने इसे और बढ़ावा दिया है जो 10 मिलियन पे सब्सक्राइबर्स को प्रभावित करता हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में चोरी की दर चीन (74 प्रतिशत) के बाद दूसरे स्थान पर है।
अभी हाल ही में 16 वीं चेतना यात्रा, जो कि आविष्कर ग्रुप द्वारा हर वर्ष आयोजित की जाती है, के दौरान हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में केबल ऑपरेटरों द्वारा अवैध सेट टॉप बॉक्सेस की बिक्री की शिकायतें दर्ज की गई थीं। केबल ऑपरेटरों ने कहा कि इस तरह की अवैध बिक्री से राजस्व की हानि होती है। बता दें कि, कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार की 16 वीं चेतना यात्रा वर्चुअल ही हुई, नहीं तो यह वार्षिक यात्रा भारत के छोटे और बड़े एलसीओ से जुड़ने के लिए सड़क मार्ग से ही की जाती है।
गुजरात पुलिस ने केबल टीवी पाइरेसी को लेकर की छापेमारी
New Delhi, 26-March-2021. By IBW Team
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