एक तरफ जहाँ केबल टीवी उद्योग से जुड़े लोग इंडस्ट्री के सिमटने की आशंका में डर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस उद्योग के पुरोधा और विशेषज्ञ इसकी क्षमताओं को असीम बता रहे हैं। हाल ही में देश की राजधानी नयी दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में आविष्कार ग्रुप द्वारा आयोजित सैटकैब सिंपोजियम में उद्योग के दिग्गजों और सरकारी अधिकारियों ने इस उद्योग पर मंडरा रहे खतरों पर लंबी परिचर्चा की। इस आयोजन में देश के सभी बड़े ऑपरेटर समूह, एमएसओ, और ब्रॉडकास्टरों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
22 दिसंबर को आयोजित सिंपोजियम के उद्घाटन सत्र में केबल ऑपरेटरों और सभी बड़े एमएसओ तथा ब्रॉडकास्टरों का स्वागत करते हुए आविष्कार ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. ए.के. रस्तोगी ने कहा कि कोविड प्रतिबंधों के कारण एक लंबे अंतराल के बाद इंडस्ट्री के सभी स्टेकहोल्डरों का एक साथ बैठना बेहद सुखद अहसास दे रहा है। डॉ. रस्तोगी ने कहा कि सरकार द्वारा बनाये जा रहे न्यू टैरिफ ऑर्डर का लाभ उद्योग के लोगों और उपभोक्ताओं को वास्तव में मिलेगा या नहीं इसपर ध्यान देने की जरूरत है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रतिनिधित्व कर रहे ज्वाइंट सेक्रेटरी संजीव शंकर के अनुसार, सरकार जल्द ही केबल उद्योग में इंफ्रास्ट्रक्चर के बंटवारे पर नीति लायेगी जिससे लास्ट माइल ऑपरेटरों और एमएसओ के खर्चों में कमी लाने में सुविधा होगी। अधिकारी के मुताबिक भारत सरकार ने केबल उद्योग की सुविधा के लिए अपनी सस्ती ब्रॉडबैंड परियोजना भारतनेट के प्रसार को लेकर भी उत्साहित है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के ग्रुप सीएफओ, और रिलायंस के केबल बिजनेस के निदेशक सौरभ संचेती ने भारतीय केबल टीवी उद्योग को पेशकश के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि केबल बिरादरी सोने की खान पर बैठी है। यह पहला मौका है जब रिलायंस ग्रुप के नेतृत्व ने केबल उद्योग के प्रतिनिधियों से खुलकर बातचीत की है। केबल उद्योग में बड़े पैमाने पर अधिग्रहण कर हाल ही में रिलायंस समूह एक बड़ा हिस्सेदार बन गया है। .
रिलायंस का प्रतिनिधित्व करते हुए सीएफओ संचेती ने बताया कि देश भर के करीब 20 करोड़ घरों में टेलीविजन है, लेकिन इनमें से सिर्फ 12 करोड़ घरों में ही डिश या केबल कनेक्शन हैं. उन्होंने कहा कि अगर केबल ऑपरेटर इन शेष आठ करोड़ उपभोक्ताओं को जोड़ने में सक्षम हैं तो उद्योग में 40-50 प्रतिशत के बीच हो वृद्धि सकती है। उन्होंने कहा कि हर व्यापार की तरह यहाँ भी यह याद रखना जरूरी है कि ग्राहक राजा होता है और उसे राजा की तरह महसूस भी कराया जाना जरूरी है।
सिंपोजियम में कई प्रमुख मुद्दों पर विचार विमर्श भी हुआ जिसमें इंडस्ट्री के दिग्गजों ने अपने विचार रखे। पहले सत्र में टेलीकॉम विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जेनरल एसके सिंघल ने बताया कि उपभोक्ताओं को कायम रखने के लिए कई सुविधाएं जैसे ऑनलाइन गेमिंग, वीओडी, डिजिटल मीडिया आदि देनी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपनी महत्वाकांक्षी भारत नेट परियोजना को लेकर काफी उत्साहित है और जल्दी ही इसे देश के कोने कोने तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेगी।
डिश टीवी के एडवाइजर टेक्नोलॉजी अमिताभ कुमार ने कहा कि केबल ऑपरेटरों को अपने बहुमूल्य ग्राहकों को कायम रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसा तभी संभव है जब केबल ऑपरेटर अपनी सेवा में सुधार करें और रेगुलर मेंटेनेंस पर खर्च करें।
जब चर्चा विज्ञापन के साथ साथ ग्राहकों के बीच लोकप्रियता बनाये रखने की चली तो सबसे पहले सवालिया निशान उठा समाचार चैनलों की विश्वसनीयता पर। मॉडरेटर ने जब यह प्रश्न उठाया तो उत्तर देते हुए न्यूज 24 की सीएमडी अनुराधा प्रसाद ने कहा कि यह सामंजस्य बनाना बेहद आवश्यक है, और उनके जैसे जिम्मेदार पत्रकारों ने हमेशा विज्ञापन से ज्यादा खबर की निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता पर ध्यान दिया है। उनकी बात का समर्थन करते हुए रिपब्लिक मीडिया के ग्रुप सीईओ विकास खानचंदानी ने कहा कि कंटेंट की महत्ता सबसे अधिक है, और वही कामयाब है जो अपने कंटेंट को लोकप्रिय बना सके। ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन के मार्केटिंग हेड अनिंद्य खरे ने भी माना कि कंटेंट बढ़िया होगा तभी वो बिक सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह ओटीटी इंडस्ट्री ने अपने कंटेंट के जरिये रेवेन्यु हासिल किया है वैसे ही अपनी विश्वसनीयता बनाकर मीडिया बाजार पर कब्जा कर सकता है। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जेनरल आर जयकृष्णा के मुताबिक आज के दौर में समाचार की असली ताकत उसके पहुँच में है और अगर उसने लोगों में अपनी पैठ बना ली तो उसे सफलता मिलनी तय है। अनुराधा प्रसाद ने आह्वान किया कि अगर केबल इंडस्ट्री अपनी ताकत पहचान लें तो वो फेसबुक और यूट्यूब को भी पीछे छोड़ सकते हैं।
अगले सत्र में कंटेट मॉनेटाइजेशन के साथ कंज्युमर के बीच पहुँच बनाने की चली तो सभी दिग्गजों ने कंटेंट को स्ट्राँग बनाने की बात पर बल दिया। पीटीसी नेटवर्क के प्रेसिडेंट ने अपने पंजाबी कंटेंट के ग्लोबलाइजेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर दूरदर्शिता के साथ चलें तो हर कंटेंट को मॉनेटाइज करना संभव है। जीटीपीएल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट यतिन गुप्ता ने भी अपने ग्रुप के रीजनल से नैशनल बनने का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी सफलता में कंटेंट के मॉनेटाइजेशन का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को ओटीटी कंटेंट देना और गेमिंग सॉल्यूशन उपल्ब्ध कराना एक बढ़िया तरीका हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रॉडबैंड के वितरण में भी अपार संभावनाएं हैं। मीडिया इंटरनेशनल के अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि आज की तरीख में बाजार की प्रतिद्वंदिता को ध्यान में रख कर योजना बनाने की जरूरत है क्योंकि हर क्षेत्र में कई विकल्प उपलब्ध हैं। सावित्री टेलीकॉम के सीएमडी रविशंकर राय ने कहा कि कस्टमर को अपने साथ जोडे रखने के लिए क्षणिक फायदों से ऊपर उठ कर सोचना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए लॉन्ग टर्म विजन की जरूरत है और लोकल व रीजनल कंटेंट पर ध्यान देने की आवश्यकता है। वन ब्रॉडबैंड के वाइस प्रेसिडेंट सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि अगर ग्राहकों को बांधे रखना है तो उन्हें आधुनिकतम तकनीक उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केबल ऑपरेटरों को एक प्रोडक्ट देने की बजाय बंडल उपलब्ध कराना चाहिए।
अंतिम सत्र में सिटी नेटवर्क्स के सीईओ अनिल मल्होत्रा ने कहा कि कंज्युमर को कम कीमत पर अधिक चैनल मिलता रहा है और इसे ध्यान में रख कर ही नियम तय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केबल उद्योग को सबसे ज्यादा रेग्युलेशन झेलने पड़ते हैं और नियम ऐसे बन गये हैं जिनसे उसे अपने प्रतिद्वंदी उद्योगों से मुकाबला करने के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं मिल रही। ओटीटी और फ्री डीटीएच आदि को कई मामलों में अपेक्षाकृत उदार नियमों का सामना करना पड़ता है। एनएक्सटी डिजिटल के सीओओ एन के रूज ने कहा कि कंज्युमर इस इंडस्ट्री का राजा है, और इंडस्ट्री को हमेशा इस दिशा में सोचना चाहिए कि उसे उचित मूल्य पर कैसे एक साथ अधिक से अधिक सुविधाएं और कंटेंट दे सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए इंडस्ट्री के सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर सोचना होगा। ज़ी मीडिया कंपनी की डिस्ट्रीब्युशन और मार्केट रिसर्च की हेड हेमलता शर्मा के मुताबिक आज की तारीख में टीवी केवल एक सदस्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए होता है, इसलिए सावधानी से बुके बना कर उचित मूल्य पर परोसा जाये तो सफलता की संभावना रहती है, लेकिन ट्राई को भी नियम तय करते वक्त इस बात को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि ट्राई जो नया रेगुलेशन लाने वाला है उसमें पैकेज़ के प्राइसिंग को ध्यान में रखा जायेगा। जीटीपीएल के निदेशक कनक सिंह राणा ने कहा कि उनका ग्रुप एक क्षेत्रीय ऑपरेटर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा है तो इसके पीछे देश भर के केबल ऑपरेटरों का सबसे अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि केबल ऑपरेटर इस इंडस्ट्री की रीढ़ हैं और सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए सोचना होगा। आविष्कार ग्रुप के प्रमोटर डॉ. ए.के. रस्तोगी ने कहा कि एनटीओ -2 के आने से पहले एमएसओ, ब्रॉडकास्टर्स और लास्ट माइल केबल ऑपरेटर्स को आपस में मिलकर कंज्युमर्स के हित में एक समाधान निकाल कर सरकार के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंपोजियम में उठाये गये मुद्दों और उनके समाधान को एक श्वेत पत्र के जरिये सरकार तक पहुँचाया जाये तो, इसी में इंडस्ट्री की भलाई है।
सिंपोजियम का समापन करते हुए बेसिल के सीएमडी जॉर्ज कुरुविला ने सिंपोजियम का समापन करते हुए कहा कि आज इंडस्ट्री परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे में केबल उद्योग के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने सुझाया कि ग्राहकों को ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने और आधुनिकतम तकनीक को लोगों तक पहुँचाना केबल उद्योग के लिए संकटमोचक हो सकता है। उन्होंने जोड़ा कि केबल ऑपरेटरों को आधुनिक तकनीक के जरिये अपनी ऑपरेटिंग कॉस्ट घटाने की जरूरत है।
सिंपोजियम में आये केबल ऑपरेटरों और मेहमानों को धन्यवाद देते हुए कहा कि केबल उद्योग का भविष्य बेहद उज्जवल है। उन्होंने सवाल किया कि एक तरफ जहाँ देश-विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियाँ इस उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं की विशाल संख्या के प्रति आकर्षित हो रही हैं, वहीं उद्योग से वर्षों से जुड़े लोगों में निराशा क्यों है। उन्होंने कहा कि केबल ऑपरेटरों को जरने की नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को पहचानने और व्यवसायिक दृष्टिकोण अपनाने व आधुनिक तकनीक से जुड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा हम अबतक साथ चले हैं और आगे भी साथ-साथ ही चलेंगे।
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