टीआरपी मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे है। अब मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि, बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता ने रिपब्लिक टीवी से लाखों रुपए लिए और इसके बदले में टीआरपी को रिपब्लिक के पक्ष में जारी किया। मीडिया रिपोर्ट में आई हुई ख़बरों को आधार माने तो पार्थो दासगुप्ता ने बार्क के सीईओ पद पर रहते हुए अपने पद का दुरूपयोग किया और टीआरपी को रिपब्लिक के पक्ष में किया। इसके बदले में पार्थो ने लाखों रुपए पाए।

पुलिस ने पार्थो दासगुप्ता को रिमांड पर लेने के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था, जिस पर अदालत ने पार्थो की हिरासत को 30 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट की ख़बरों के अनुसार, पार्थो की जानकारी में टीआरपी के आंकड़ों में की गयी हेर फेर की वजह से ही टाइम्स नाउ और सीएनएन न्यूज़18 रेटिंग में नीचे खिसक गए।
पार्थो से पहले पुलिस ने टीआरपी मामले में बारक के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया को गिरफ्तार किया था।
आपको बता दें कि, पार्थो दासगुप्ता को टीआरपी घोटाले के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, टीआरपी में हेरा फेरी 2016 और 2019 के बीच हुई जब पार्थो दासगुप्ता बार्क के सीईओ थे। बता दें कि, पार्थो जून 2013 से नवंबर 2019 तक बार्क के सीईओ रहे।
टीआरपी घोटाले का मामला इस साल अक्टूबर में तब सामने आया जब हंसा रिसर्च ने एक शिकायत दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि, कुछ चैनल जिन घरों में बारो मीटर लगे है, उन घरों को भुगतान करके कुछ टीवी चैनल दर्शकों की संख्या में हेरा फेरी कर रहे हैं।
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