न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन यानी एनबीएफ ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च कॉउंसिल (बार्क) इंडिया से मांग की है कि न्यूज़ चैनल्स की रेटिंग को तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए। बता दें कि, एनबीएफ ने इस बारे में कहा है कि, न्यूज़ चैनल्स हज़ारों मीडिया प्रोफेशनल्स को रोजगार देते हैं और उनकी आजीविका न्यूज़ चैनल्स के रेवेन्यू पर निर्भर होती है, जो कि सीधा टीआरपी यानी टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट से संबंधित है। इसलिए एनबीएफ बार्क के शेयरधारकों से यह अपील करता है कि, वे तत्काल प्रभाव से न्यूज़ चैनल्स की रेटिंग जारी करने के लिए कदम उठाएं। हमारा मानना है कि, ये डाटा विज्ञापन जगत के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स इंडियन सोसायटी ऑफ ऐडवर्टाइज़र्स (आईएसए) और एडवर्टईजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएएआई) दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। एनबीएफ का कहना है कि, तमाम न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स फ्री टू एयर है और विज्ञापनों से होने वाली आय पर निर्भर हैं। ऐसे में रेटिंग्स को जारी करने से रोके जाने पर उन पर काफी प्रभाव पड़ेगा।
इसके अलावा न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन यानी एनबीए ने बार्क को सुझाव दिया है कि, न्यूज़ चैनल्स की रेटिंग पर लगाए गए प्रतिबन्ध को कुछ समय के लिए और बढ़ाया जाए।
आपको बता दें कि, टीआरपी घोटाले का मामला सामने आने के बाद बार्क ने पिछले साल 15 अक्टूबर को यह फैसला लिया था कि, 12 हफ्ते के लिए न्यूज़ चैनल्स की रेटिंग को जारी नहीं किया जाएगा।
टीआरपी घोटाले में पुलिस की जांच जारी है। बता दें कि, टीआरपी मामले में बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता और बार्क के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया गिरफ्तार हैं।
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